കേരളത്തിന്റെ അഭിമാനമായ ഈ വിദ്യാലയ മുത്തശ്ശി 2018 ഇൽ 200 വയസ്സ് പൂർതതിയാക്കുകയാണ് . .C M S COLLEGE HIGH SCHOOL KOTTAYAM IS THE FIRST ENGLISH SCHOOL IN KERALA . IT IS FOUNDED IN 1817 .THE IT CLUB OF THIS SCHOOL INTRODUCE THE BLOG TO THE OLD AND PRESENT STUDENTS TO KNOW ABOUT THE ACTIVITIES OF THE SCHOOL.
Sunday, July 17, 2011
जिंदगी एक पहेली
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जिंदगी एक पहेली
जिंदगी एक पहेली है,
क्योकि
कल क्या हुआ?
आज क्या हो रहा है ?
कल क्या होगा?
क्यों होगा?
कैसे होगा?
कौन करेगा?
कब करेगा?
कहा करेगा?
कुछ भी तो नहीं पता है हमें
जिंदगी एक पहेली है,
क्योकि
कल क्या हुआ?
आज क्या हो रहा है ?
कल क्या होगा?
क्यों होगा?
कैसे होगा?
कौन करेगा?
कब करेगा?
कहा करेगा?
कुछ भी तो नहीं पता है हमें
Saturday, July 16, 2011
std x hindiइकाई : बसेरा लौटा दो पाठभाग : नदी और साबुन अब्दुल रज़ाक पी, रघुवीर, जयदीप के समस्याक्षेत्र : जलस्थल संसाधनों के प्रबंधन में वैज्ञानिकता का अभाव। आशय एवं धारणाएँ : प्रकृति पर मानव के अनियंत्रित हस्तक्षेप से प्राकृतिक संपदा का शोषण बढना। प्रक्रियाएँ संबंध कथन: बच्चो, पिछले साल नवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक की अंतिम इकाई में हम नॆ कौन सी समस्या और आशय पर चर्चा की थी? छात्रों की प्रतिक्रियाओं को सूचीबद्ध करें। जैसे: १. अवैज्ञानिक जल प्रबंधन के कारण लोगों को सब कुछ छोड़कर पलायन करना पड़ता है। २. पानी की कमी एक विकट समस्या है। ३. जल का महत्व जाननेवाले थे हमारे पूर्वज। ४. जल संरक्षण के अच्छे नमूने । (यहाँ क्लिक करें) ठीक है वच्चो, आप ने ठीक ही कहा है। देखो, मैं कुछ दृश्य आप को दिखाता हूँ। देखिए। SLIDE I (यहाँ क्लिक करें) वच्चो, आपने दृश्य देखे है न? (छात्रें के उत्तर सूचीबद्ध करें।) आपने कौन-से दृश्य देखे ? (छात्रें के उत्तर सूचीबद्ध करें।) इस पर आपका विचार क्या है? (छात्रें के उत्तर सूचीबद्ध करें।) दृश्य किस विषय की चर्चा कर रहे हैं? (छात्रें के उत्तर सूचीबद्ध करें।) प्रदूषण के कारण क्या-क्या हो सकते है? (छात्रें के उत्तर सूचीबद्ध करें।) (यहाँ क्लिक करें) प्रदूषण से जल स्रोतों की रक्षा कैसे संभव है? छात्रें के उत्तर सूचीबद्ध करें। कहें, बच्चो, नदी के संबंध में लिखी एक कविता हमारी दसवीं कक्षा की पाठ्य पुस्तिका में है। देखिए। प्रश्न करें। बच्चो, पाठ्य पुस्तिका में कितनी इकाइयाँ है? पहली इकाई कौन सी है? पहली इकाई का पहला पाठभाग कौन सा है? कवि और कविता का नाम क्या है? निर्देश दें, कि बच्चो, अब आप लोग नदी और साबून नामक कविता का वाचन करें। जो समझे है, सही चिह्न लगाएँ। जो नहीं समझे है, रेखांकित करें। जो बहुत अच्छे लगे, आश्चर्य चिह्न लगाएँ। नदी और साबून (यहाँ क्लिक करें) TB (आ सी टी द्रारा पूरी कविता दिखाएँ।) कविता में कौन-कौन से जीवजंतुओं के नाम है? बाघ, मछली, कछुआ, हाथी इन्हीं नामों के आधार पर दल बनाएँ। दल में शंका समाधान का अवसर दें। दुबली =മെലിഞ്ഞ मैली-कुचैली =മലിനമായ उतराई =പൊന്തിക്കിടക്കുക जुठारना =എച്ചിലാക്കുക पीठ(स्त्री) =പുറം उलीचना =കോരിക്കളയുക कारखाना =FACTORY तेज़ाबी पेशाब =അമ്ല ജലം झेलना =സഹിക്കുക बैंगनी =വയലറ്റ് त्वचा =തൊലി सिरहाना =തലക്കല് टिकिया =കട്ട हार =തോല്വി अन्य दलों से शंका समाधान का अवसर दें । कविता का विश्लेशण करें। SLIDE 2 (यहाँ क्लिक करें) नदी और साबून (यहाँ क्लिक करें) शब्दार्थ नदी और साबून (यहाँ क्लिक करें) mpg विश्लेषणात्मक प्रश्न करें। * यहाँ कौन दुबली हो गई है? * एक व्यक्ति का दुबला होने का क्या क्या कारण हो सकते हैं? * तो एक नदी का दुबला होने का क्या क्या कारण हो सकते हैं? * क्या आपने किसी नदी को दुबली होते / प्रदूषित होते देखा है? इसके क्या क्या कारण हो सकते हैं? * मछलियाँ किस तरह उतराई है? * इच्छाओं के मर जाने पर क्या होता है? * मरी हुई मछलियाँ किसका प्रतीक हैँ? * तुम्हारे दुर्दिनों के दुर्जल में- कवि ने एसा क्यों कहा है? * बाघों के................सहती सानंद।-नदी पर पशु पक्षि और मानव का समान अधिकार है।पर किसके हस्तक्षेप से नदी को हानी पहुंचती है? * पेशाब शब्द से कविने आशय को अधिक तीष्ण बनाया है। क्या आप इससे सहमत है? * हिमालय किसका प्रतीक है? * भारतीय संस्कृति में हिमालय का स्थान क्या है? (पहरेदार की भूमिका) * उत्तर भारत की अधिकांश नदियाँ हिमालय से उत्पन्न होती हैं।तो हम कह सकते हैं कि नदी हिमालय की पुत्री है।हमारे रक्षक की पुत्री के साथ हमारा यह व्यवहार क्या ठीक है? * नदी किसके सामने हार गई और क्यों? * हथेली भर की एक साबुन की टिकिया- से क्या तात्पर्य होगा? * नदी सभी प्रकार के हमलाओं के विरुद्ध लड़ती रही। गाँव-गाँव में पानी पहुँचाने केलिए। पर अज्ञता से सामान्य जनता भी प्रदूषण की प्रक्रिया में भाग लेना का दृश्य(हथेली भर की एक साबुन की टिकिया- से ) देखकर नदी हताश हो गई और अपनी हार मान ली।उसने सोचा होगा-"अब मैं किसकेलिए लडूँ?” इस व्याख्या पर आप का विचार क्या है? * नदी को प्रदूषण से बचाने केलिए हम क्या क्या कर सकते हैं? कविता का वैयक्तिक रूप से आस्वादन टिप्पणी लिखने का निर्देश दें। दल में चर्चा करके परिमार्जन करने का निर्देश दें। दलों से उपजें एकत्रित करें और अदल-बदलकर अन्य दलों में दें। पूछें, आस्वादन टिप्पणी की मूल्याँकन बिंदुएँ क्या-क्या है? उत्तरों को सूचीबद्ध करें। (यहाँ क्लिक करें) कवि और कविता का परिचय भावपक्ष शिल्पपक्ष भाषा प्रासंगिकता अपना मत पूछें, तो आस्वादन टिप्पणी की मूल्याँकन सूचक क्या-क्या है? (यहाँ क्लिक करें) दलों में मिली आस्वादन टिप्पणी का मूल्यांकन करने का निर्दोश दें। हर दलें से मूल्यांकन संबंधी टिप्पणी करने का निर्देश दें। प्रस्तुतीकरण करवाएँ। अद्यापक अपना प्रस्तुतीकरण करें। (यहाँ क्लिक करें) पाठ्यपुस्तक की मूल्यांकनफारमाट के आधार पर आस्वादन टिप्पणी का स्वनिर्धारण करें। पुनर्लेखन करके पोरट फोलियो में संकलन करने का निर्देश दें। (मलयालम परिभाषा)Testइकाई : बसेरा लौटा दो पाठभाग : नदी और साबुन अब्दुल रज़ाक पी, रघुवीर, जयदीप के समस्याक्षेत्र : जलस्थल संसाधनों के प्रबंधन में वैज्ञानिकता का अभाव। आशय एवं धारणाएँ : प्रकृति पर मानव के अनियंत्रित हस्तक्षेप से प्राकृतिक संपदा का शोषण बढना। प्रक्रियाएँ संबंध कथन: बच्चो, पिछले साल नवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक की अंतिम इकाई में हम नॆ कौन सी समस्या और आशय पर चर्चा की थी? छात्रों की प्रतिक्रियाओं को सूचीबद्ध करें। जैसे: १. अवैज्ञानिक जल प्रबंधन के कारण लोगों को सब कुछ छोड़कर पलायन करना पड़ता है। २. पानी की कमी एक विकट समस्या है। ३. जल का महत्व जाननेवाले थे हमारे पूर्वज। ४. जल संरक्षण के अच्छे नमूने । (यहाँ क्लिक करें) ठीक है वच्चो, आप ने ठीक ही कहा है। देखो, मैं कुछ दृश्य आप को दिखाता हूँ। देखिए। SLIDE I (यहाँ क्लिक करें) वच्चो, आपने दृश्य देखे है न? (छात्रें के उत्तर सूचीबद्ध करें।) आपने कौन-से दृश्य देखे ? (छात्रें के उत्तर सूचीबद्ध करें।) इस पर आपका विचार क्या है? (छात्रें के उत्तर सूचीबद्ध करें।) दृश्य किस विषय की चर्चा कर रहे हैं? (छात्रें के उत्तर सूचीबद्ध करें।) प्रदूषण के कारण क्या-क्या हो सकते है? (छात्रें के उत्तर सूचीबद्ध करें।) (यहाँ क्लिक करें) प्रदूषण से जल स्रोतों की रक्षा कैसे संभव है? छात्रें के उत्तर सूचीबद्ध करें। कहें, बच्चो, नदी के संबंध में लिखी एक कविता हमारी दसवीं कक्षा की पाठ्य पुस्तिका में है। देखिए। प्रश्न करें। बच्चो, पाठ्य पुस्तिका में कितनी इकाइयाँ है? पहली इकाई कौन सी है? पहली इकाई का पहला पाठभाग कौन सा है? कवि और कविता का नाम क्या है? निर्देश दें, कि बच्चो, अब आप लोग नदी और साबून नामक कविता का वाचन करें। जो समझे है, सही चिह्न लगाएँ। जो नहीं समझे है, रेखांकित करें। जो बहुत अच्छे लगे, आश्चर्य चिह्न लगाएँ। नदी और साबून (यहाँ क्लिक करें) TB (आ सी टी द्रारा पूरी कविता दिखाएँ।) कविता में कौन-कौन से जीवजंतुओं के नाम है? बाघ, मछली, कछुआ, हाथी इन्हीं नामों के आधार पर दल बनाएँ। दल में शंका समाधान का अवसर दें। दुबली =മെലിഞ്ഞ मैली-कुचैली =മലിനമായ उतराई =പൊന്തിക്കിടക്കുക जुठारना =എച്ചിലാക്കുക पीठ(स्त्री) =പുറം उलीचना =കോരിക്കളയുക कारखाना =FACTORY तेज़ाबी पेशाब =അമ്ല ജലം झेलना =സഹിക്കുക बैंगनी =വയലറ്റ് त्वचा =തൊലി सिरहाना =തലക്കല് टिकिया =കട്ട हार =തോല്വി अन्य दलों से शंका समाधान का अवसर दें । कविता का विश्लेशण करें। SLIDE 2 (यहाँ क्लिक करें) नदी और साबून (यहाँ क्लिक करें) शब्दार्थ नदी और साबून (यहाँ क्लिक करें) mpg विश्लेषणात्मक प्रश्न करें। * यहाँ कौन दुबली हो गई है? * एक व्यक्ति का दुबला होने का क्या क्या कारण हो सकते हैं? * तो एक नदी का दुबला होने का क्या क्या कारण हो सकते हैं? * क्या आपने किसी नदी को दुबली होते / प्रदूषित होते देखा है? इसके क्या क्या कारण हो सकते हैं? * मछलियाँ किस तरह उतराई है? * इच्छाओं के मर जाने पर क्या होता है? * मरी हुई मछलियाँ किसका प्रतीक हैँ? * तुम्हारे दुर्दिनों के दुर्जल में- कवि ने एसा क्यों कहा है? * बाघों के................सहती सानंद।-नदी पर पशु पक्षि और मानव का समान अधिकार है।पर किसके हस्तक्षेप से नदी को हानी पहुंचती है? * पेशाब शब्द से कविने आशय को अधिक तीष्ण बनाया है। क्या आप इससे सहमत है? * हिमालय किसका प्रतीक है? * भारतीय संस्कृति में हिमालय का स्थान क्या है? (पहरेदार की भूमिका) * उत्तर भारत की अधिकांश नदियाँ हिमालय से उत्पन्न होती हैं।तो हम कह सकते हैं कि नदी हिमालय की पुत्री है।हमारे रक्षक की पुत्री के साथ हमारा यह व्यवहार क्या ठीक है? * नदी किसके सामने हार गई और क्यों? * हथेली भर की एक साबुन की टिकिया- से क्या तात्पर्य होगा? * नदी सभी प्रकार के हमलाओं के विरुद्ध लड़ती रही। गाँव-गाँव में पानी पहुँचाने केलिए। पर अज्ञता से सामान्य जनता भी प्रदूषण की प्रक्रिया में भाग लेना का दृश्य(हथेली भर की एक साबुन की टिकिया- से ) देखकर नदी हताश हो गई और अपनी हार मान ली।उसने सोचा होगा-"अब मैं किसकेलिए लडूँ?” इस व्याख्या पर आप का विचार क्या है? * नदी को प्रदूषण से बचाने केलिए हम क्या क्या कर सकते हैं? कविता का वैयक्तिक रूप से आस्वादन टिप्पणी लिखने का निर्देश दें। दल में चर्चा करके परिमार्जन करने का निर्देश दें। दलों से उपजें एकत्रित करें और अदल-बदलकर अन्य दलों में दें। पूछें, आस्वादन टिप्पणी की मूल्याँकन बिंदुएँ क्या-क्या है? उत्तरों को सूचीबद्ध करें। (यहाँ क्लिक करें) कवि और कविता का परिचय भावपक्ष शिल्पपक्ष भाषा प्रासंगिकता अपना मत पूछें, तो आस्वादन टिप्पणी की मूल्याँकन सूचक क्या-क्या है? 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Friday, July 15, 2011
Tuesday, July 12, 2011
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മലയാളം കമ്പ്യൂട്ടറിലൂടെ
മലയാളം എഡിറ്റര്
സമീപകാലംവരെ കമ്പ്യൂട്ടറുകള്ക്ക് ഇംഗ്ലീഷും ചില യൂറോപ്യന് ഭാഷകളുമാണ് പരിചിതമായിരുന്നത്. കാരണം ഈ ഭാഷകളിലെ 256 അക്ഷരങ്ങള് മാത്രം രേഖപ്പെടുത്തുന്ന രീതിയാണ് നിലവിലുണ്ടായിരുന്നത്.
മലയാളം ഡെസ്ക്ടോപ്പ്
അതുകൊണ്ടുതന്നെ, മലയാളത്തില് രേഖകള് തയ്യാറാക്കാന്, കമ്പ്യൂട്ടറില് പ്രത്യേകം ഇന്സ്റ്റാള് ചെയ്ത ചില സോഫ്റ്റ്വെയറുകളെ നിങ്ങള്ക്ക് ആശ്രയിക്കേണ്ടിവരുന്നു. ഇത്തരം സോഫ്റ്റ്വെയറുകള് നിങ്ങളുടെപക്കല് ഇല്ലെങ്കില്, രേഖ തയ്യാറാക്കാന് നിങ്ങള്ക്ക് കഴിയുകയില്ല.
മാത്രമല്ല നിങ്ങള് മലയാളത്തില് തയ്യാറാക്കിയ രേഖകള്, മറ്റൊരു സോഫ്റ്റ്വെയര് ഉപയോഗിക്കുന്ന വ്യക്തിക്ക് വായിക്കുവാന് കഴിയുകയില്ല. വിവിധതരം മലയാളം സോഫ്റ്റ്വെയറുകള് ലഭ്യമായതിനാല് അവയെല്ലാം തന്നെ വാങ്ങുക പ്രായോഗികവുമല്ല.
മലയാളം യൂണീക്കോഡ്
ലോകത്തെ എല്ലാ ഭാഷകളും കമ്പ്യൂട്ടറുകള്ക്ക് മനസ്സിലാകുന്ന രീതിയില് കമ്പ്യൂട്ടറില് അക്ഷരങ്ങള് രേഖപ്പെടുത്തുവാന് ഉണ്ടാക്കിയ സമ്പ്രദായമാണ് യൂണികോഡ് (UNICODE). ഏകീകൃതവും ആഗോളതലത്തില് അംഗീകാരം ലഭിച്ചതുമായ കമ്പ്യൂട്ടര് സമ്പ്രദായമാണ് യൂണികോഡ്. യൂണികോഡിന്റെ സഹായത്തോടെ നിങ്ങള്ക്ക് സ്വന്തം ഭാഷയില് പ്രിയപ്പെട്ടവരുമായി ആശയവിനിമയം നടത്താവുന്നതാണ്.
വിവരസാങ്കേതികവിദ്യയുടെ പുത്തന് സാധ്യതകള് ഉപയോഗപ്പെടുത്തി മലയാളഭാഷയെ ശക്തിപ്പെടുത്തുകയും ഭാഷയുടെ അതിരുകളില്ലാതെ വിവരസാങ്കേതികവിദ്യയുടെ നേട്ടം എല്ലാ മലയാളികള്ക്കും എത്തിക്കുകയുമാണ് മലയാളം കമ്പ്യൂട്ടിംഗ് പ്രചാരണ പരിപാടിയുടെയുടെ ഉദ്ദേശ്യം.
പദ്ധതി നിലവില് വരുന്നതോടെ സാധാരണക്കാര്ക്ക് കമ്പ്യൂട്ടറിന്റെ സേവനം കൂടുതല് ഫലപ്രദമായി ഉപയോഗിക്കാന് സാധിക്കും. വിവരവിനിമയ സാങ്കേതികവിദ്യയുടെ എല്ലാ സേവനങ്ങളും പരമാവധി ഉപയോഗപ്പെടുത്താനും ഇ-മെയില്, ചാറ്റിംഗ്, ബ്ളോഗ് തുടങ്ങിയ കമ്പ്യൂട്ടര്/ ഇന്റര്നെറ്റ് അധിഷ്ഠിത സംവിധാനങ്ങള് കൂടുതല് കാര്യക്ഷമമായി ഉപയോഗപ്പെടുത്തുവാനും പുതിയ സംരംഭം ഏറെ സഹായകരമാകും.
മൂവായിരത്തോളം വരുന്ന 'അക്ഷയാ' കേന്ദ്രങ്ങളിലൂടെ സംസ്ഥാനത്തിലാകമാനം പൊതുജന ബോധവല്ക്കരണ പരിപാടികള് നടപ്പിലാക്കാനാണ് ഈ പദ്ധതി ലക്ഷ്യം വയ്ക്കുന്നത്. ഓരോ അക്ഷയാ കേന്ദ്രവും ഏകദേശം 1200 മുതല് 1500 വരെ കുടുംബങ്ങളെ ബന്ധപ്പെടുന്നുണ്ട്. അടുത്ത മൂന്നു വര്ഷം കൊണ്ട് കേരള സംസ്ഥാനത്തിലെ 40 മുതല് 50 ലക്ഷം വരെ കുടുംബങ്ങളില് മലയാളം കംമ്പ്യൂട്ടിങ്ങിന്റെ സന്ദേശം എത്തിക്കുവാന് ഈ പ്രചരണ പ്രവര്ത്തനങ്ങള് വഴി കഴിയും. അക്ഷയാ കേന്ദ്രങ്ങള്, പ്രാദേശിക സംഘടനകളും പ്രാദേശിക ഭരണ സംവിധാനങ്ങളുമായി സഹകരിച്ച് പ്രദേശത്തിന്റെ വിവിധ ഭാഗങ്ങളില് പൊതുജനങ്ങള്ക്കായി ബോധവല്ക്കരണ പരിപാടികളും കമ്പ്യൂട്ടറില് മലയാളം ഉപയോഗിക്കുന്നതിനുള്ള പരിശീലനവും സംഘടിപ്പിക്കും. അതോടൊപ്പം തന്നെ ഓരോ ജില്ലയിലേയും പ്രാദേശിക കമ്പ്യൂട്ടര് വില്പ്പനസ്ഥാപനങ്ങള്ക്കും മലയാളം കംമ്പ്യൂട്ടിങ്ങില് പരിശീലനം നല്കാന് പദ്ധതിയുണ്ട്,
എന്റെ ഗ്രാമം
പ്രചരണ പ്രവര്ത്തനങ്ങളെ തുടര്ന്ന് വെബ്ബിലെ മലയാളം ഉള്ളടക്കം വര്ദ്ധിപ്പിക്കാനുള്ള പല തുടര് പരിപാടികളും ആരംഭിക്കും. കേരളത്തിലെ എല്ലാ പഞ്ചായത്തിനും സ്വന്തമായി ഒരു പോര്ട്ടല് ഉണ്ടാവുക എന്നതാണ് ലക്ഷ്യമാക്കുന്ന ഒരു തുടര് പരിപാടി. ഇത്തരം പോര്ട്ടലുകളില് പ്രാദേശികമായ പ്രകൃതിജന്യവും അല്ലാതെയുമുള്ള വിഭവശേഷിയും മനുഷ്യ വിഭവശേഷി സംബന്ധിച്ച വിവരങ്ങളും, തനതു സംസ്ക്കാരം, പ്രാദേശിക സാമ്പത്തിക നില, വ്യവസായങ്ങള്, കൃഷി, സേവനത്തുറ, ചര്ച്ചാവേദി, തുടങ്ങി ഉപയോഗ പ്രദമെന്നു കാണുന്ന ഏതു കാര്യവും ഉള്പ്പെടുത്താം. ഈ പ്രവര്ത്തനങ്ങള്ക്ക് പ്രോത്സാഹനമായി നല്ല പഞ്ചായത്തു പോര്ട്ടലിന് സര്ക്കാര് അവാര്ഡുകള് നല്കാം. അത്തരത്തിലുള്ള നല്ല പോര്ട്ടലിന് ഒരു ഉദാഹരണമാണ് അഴിക്കോട് പഞ്ചായത്തിന്റെ പോര്ട്ടല്.
Wednesday, July 06, 2011
Wednesday, June 29, 2011
Sunday, June 19, 2011
Sunday, June 12, 2011
Saturday, May 14, 2011
സിംഹക്കൂട്ടില്
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സിംഹക്കൂട്ടില്
( എട്ടാം ക്ലാസില് പഠിക്കുമ്പോള് കല്ക്കത്തയിലെ ഒരു മൃഗ ശാലയിലെ സിംഹക്കൂട്ടില് കയറിയ ഭയമറിയാത്ത പ്രിയ കവി മാധവിക്കുട്ടിയുടെ ഓര്മ്മക്ക് )
ഇന്ന് പരീക്ഷയാണ് ,
നിരന്നു നിന്ന് ചോദ്യങ്ങള് കണ്ണുരുട്ടുന്ന ദിവസം
ഉത്സാഹം കെട്ട കുട്ടി കൂട്ടുകാരിയോട് പറഞ്ഞു
"ഇന്ന് നമുക്ക് മൃഗശാലയില് പോകാം.."
ചോദ്യപ്പേപ്പര് മനസ്സില് നിന്ന് മായ്ച്ച്
അവര് മൃഗശാലയിലേക്ക് പോയി .
മാന് , മയില് ,മുയല്
ഒട്ടകം
കടുവ , കഴുത കാണ്ടാമൃഗം
പുലി
ആരും അവരോടു ചോദ്യങ്ങള് ചോദിച്ചില്ല
ഉറുമ്പ് തീനിയോ വേഴാമ്പലോ പോലും;
അതിനാല്
കുട്ടിക്കും കൂട്ടുകാരിക്കും
കെട്ട ഉത്സാഹം തെളിഞ്ഞു കിട്ടി .
ഒടുവിലെത്തി
മൃഗരാജാവിന്റെ സന്നിധിയില് .
ജട വിടര്ത്തിയിട്ടു ,
കണ് മിഴിച്ചു
സിംഹത്തിന്റെ വിശ്രമക്കിടപ്പ്.
മുന്നില്
തളികയില് ചുവന്ന മാംസ ഭക്ഷണം .
'ഈ രാജാവ്
സസ്യ ഭുക്കല്ല ' കുട്ടി പറഞ്ഞു .
'ഈ രാജാവിന് നിന്നെ തിന്നാനുള്ള സ്നേഹമുണ്ട് ,
അത് നിന്നെ നോക്കുന്നു;
പൂട്ടാത്ത ഈ വാതില്
ഞാന് തുറക്കട്ടെ ? കൂട്ടുകാരി ചോദിച്ചു
' കേറാമോ ഈ സിംഹക്കൂട്ടില് "?
കുട്ടിക്ക് സമ്മതം
'നിന്നെ തളികയില് വച്ച്
അത് ഭക്ഷിക്കും '
"ഉച്ചഭക്ഷണം കഴിച്ച്
വിശ്രമിക്കുന്ന സിംഹം എന്നെ തിന്നില്ല ' കുട്ടിയുടെ ഉറപ്പ്
വിശക്കാത്ത സിംഹത്തിന്റെ വിശ്രമം മുടക്കി കുട്ടി കൂട്ടിനകത്തേക്ക് കയറി
ഭയം ഭയന്ന് പുറത്തു നിന്നു;
അത് കൂടിന്റെ വാതില് തഴുതിട്ടു.
ചീകാത്ത ജടയുമായി സിംഹം
പതുക്കെ പ്പതുക്കെ
ധ്യാനത്തില് നിന്നുണര്ന്ന മുനിയെന്നതു പോലെ
കുട്ടിക്കരികിലെത്തി നിന്നു
ചാഞ്ഞു വീണ കുട്ടിയെ
പതുപതുത്ത കൈകളാല് തൊട്ടു
മുതുകില് , കവിളില് ,മൂക്കില്
പിന്നെ ഉടലാകെ
നാവുകൊണ്ടുഴിഞ്ഞു
ഒടുവില്
ചെവിയില് മൂക്ക് കൊണ്ട് ദീര്ഘ ദീര്ഘം സ്പര്ശിച്ച്
മുടങ്ങിയ ധ്യാനം തുടരാനെന്ന പോലെ
അത് തളികക്ക് മുന്പിലേക്ക് തിരിച്ചു പോയി.
സിംഹക്കൂട്ടില് നിന്നും പുറത്തിറങ്ങിയ കുട്ടി
സ്കൂളിലേക്ക് നടന്നു.
വിറയ്ക്കുന്ന കൂട്ടുകാരി ചോദിച്ചു ' സിംഹം
നിന്റെ ചെവിയില് എന്താണ് മന്ത്രിച്ചത് ? "
" ഭയമില്ലാത്ത നീ എന്റെ ഇരയല്ല ' എന്നാണ് സിംഹം പറഞ്ഞത്
പേടിയില്ലാത്ത കുട്ടിയെ അതിനു ഇഷ്ടമാണ് എന്നും "
കുട്ടി പുഞ്ചിരിച്ചു .
കുട്ടിക്ക് മുന്പില് വരാനുള്ള ചോദ്യങ്ങളും
അവക്കുള്ള ഉത്തരങ്ങളും ഒന്നൊന്നായി
വിടര്ന്നു വന്നു
സിംഹത്തിന്റെ ജടയെന്ന പോലെ .
ഇന്ന് പരീക്ഷയാണ് ,
നിരന്നു നിന്ന് ചോദ്യങ്ങള് കണ്ണുരുട്ടുന്ന ദിവസം
ഉത്സാഹം കെട്ട കുട്ടി കൂട്ടുകാരിയോട് പറഞ്ഞു
"ഇന്ന് നമുക്ക് മൃഗശാലയില് പോകാം.."
ചോദ്യപ്പേപ്പര് മനസ്സില് നിന്ന് മായ്ച്ച്
അവര് മൃഗശാലയിലേക്ക് പോയി .
മാന് , മയില് ,മുയല്
ഒട്ടകം
കടുവ , കഴുത കാണ്ടാമൃഗം
പുലി
ആരും അവരോടു ചോദ്യങ്ങള് ചോദിച്ചില്ല
ഉറുമ്പ് തീനിയോ വേഴാമ്പലോ പോലും;
അതിനാല്
കുട്ടിക്കും കൂട്ടുകാരിക്കും
കെട്ട ഉത്സാഹം തെളിഞ്ഞു കിട്ടി .
ഒടുവിലെത്തി
മൃഗരാജാവിന്റെ സന്നിധിയില് .
ജട വിടര്ത്തിയിട്ടു ,
കണ് മിഴിച്ചു
സിംഹത്തിന്റെ വിശ്രമക്കിടപ്പ്.
മുന്നില്
തളികയില് ചുവന്ന മാംസ ഭക്ഷണം .
'ഈ രാജാവ്
സസ്യ ഭുക്കല്ല ' കുട്ടി പറഞ്ഞു .
'ഈ രാജാവിന് നിന്നെ തിന്നാനുള്ള സ്നേഹമുണ്ട് ,
അത് നിന്നെ നോക്കുന്നു;
പൂട്ടാത്ത ഈ വാതില്
ഞാന് തുറക്കട്ടെ ? കൂട്ടുകാരി ചോദിച്ചു
' കേറാമോ ഈ സിംഹക്കൂട്ടില് "?
കുട്ടിക്ക് സമ്മതം
'നിന്നെ തളികയില് വച്ച്
അത് ഭക്ഷിക്കും '
"ഉച്ചഭക്ഷണം കഴിച്ച്
വിശ്രമിക്കുന്ന സിംഹം എന്നെ തിന്നില്ല ' കുട്ടിയുടെ ഉറപ്പ്
വിശക്കാത്ത സിംഹത്തിന്റെ വിശ്രമം മുടക്കി കുട്ടി കൂട്ടിനകത്തേക്ക് കയറി
ഭയം ഭയന്ന് പുറത്തു നിന്നു;
അത് കൂടിന്റെ വാതില് തഴുതിട്ടു.
ചീകാത്ത ജടയുമായി സിംഹം
പതുക്കെ പ്പതുക്കെ
ധ്യാനത്തില് നിന്നുണര്ന്ന മുനിയെന്നതു പോലെ
കുട്ടിക്കരികിലെത്തി നിന്നു
ചാഞ്ഞു വീണ കുട്ടിയെ
പതുപതുത്ത കൈകളാല് തൊട്ടു
മുതുകില് , കവിളില് ,മൂക്കില്
പിന്നെ ഉടലാകെ
നാവുകൊണ്ടുഴിഞ്ഞു
ഒടുവില്
ചെവിയില് മൂക്ക് കൊണ്ട് ദീര്ഘ ദീര്ഘം സ്പര്ശിച്ച്
മുടങ്ങിയ ധ്യാനം തുടരാനെന്ന പോലെ
അത് തളികക്ക് മുന്പിലേക്ക് തിരിച്ചു പോയി.
സിംഹക്കൂട്ടില് നിന്നും പുറത്തിറങ്ങിയ കുട്ടി
സ്കൂളിലേക്ക് നടന്നു.
വിറയ്ക്കുന്ന കൂട്ടുകാരി ചോദിച്ചു ' സിംഹം
നിന്റെ ചെവിയില് എന്താണ് മന്ത്രിച്ചത് ? "
" ഭയമില്ലാത്ത നീ എന്റെ ഇരയല്ല ' എന്നാണ് സിംഹം പറഞ്ഞത്
പേടിയില്ലാത്ത കുട്ടിയെ അതിനു ഇഷ്ടമാണ് എന്നും "
കുട്ടി പുഞ്ചിരിച്ചു .
കുട്ടിക്ക് മുന്പില് വരാനുള്ള ചോദ്യങ്ങളും
അവക്കുള്ള ഉത്തരങ്ങളും ഒന്നൊന്നായി
വിടര്ന്നു വന്നു
സിംഹത്തിന്റെ ജടയെന്ന പോലെ .
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